अमरोहा में 40 साल से जीत को तरस रही कांग्रेस, अंतिम टाइम में पलटी बाजी, यह है जमीनी हकीकत
Amroha Lok Sabha Chunav 2024 : यूपी के अमरोहा में 2024 का लोकसभा चुनाव दूसरे चरण में 26 अप्रैल को होगा। पिछले 40 सालों से कांग्रेस यहां जीत को तरस रही है। वहीं समाजवादी पार्टी को भी 28 साल से जीत नही मिली। इस बार कांग्रेस को यहां जीत की उम्मीद बंधी है, लेकिन ऐनवक्त पर मामला त्रिकोणीय होने से पेंच फंस गया है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन व बसपा दोनों ही अपना मुकाबला भाजपा से बता रहे है। जनता के बीच दोनों में मुस्लिम मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की होड़ लगी है। ऐसे में मुस्लिम मतदाता भी असमंजस की स्थिति में है किधर जाए। वहीं कुछ जगहों पर मुस्लिम खुलकर भाजपा के साथ खड़े है। मोदी की गारंटी के नाम पर पहली दफा भाजपा को वोट देने की बात कह रहे हैं।
अमरोहा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जिला है, ढोलक कारोबार और आम से देश भर में इसकी पहचान है। वहीं मशहूर शायर जॉन एलिया जैसी शख्सियत की जन्मभूमि भी अमरोहा ही है। क्रिकेटर मो. शमी भी अमरोहा से है। जिनकी वजह से अमरोहा को देश दुनिया में पहचान मिली है। अमरोहा देश की राजधानी दिल्ली से 150 किमी दूर हैं। जो गंगा किनारे बसा है। अमरोहा जिले की सीमाएं मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, हापुड़, मेरठ जिले से मिली हुई है।
अमरोहा में निर्णायक भूमिका में मुस्लिम और जाटव
लोकसभा चुनाव में यहां जाटव और मुस्लिम निर्णायक भूमिका में है। मुस्लिम 32 फीसदी और एससी 18.1 फीसदी है। जबकि जाट 12.3%, ठाकुर 7.4 %, यादव 6.5% और वैश्य 5% है। लेकिन यहां 1991 से किसी भी दल के एक प्रत्याशी को लगातार जीत नही मिली। 1952 में यहां पहली बार लोकसभा चुनाव हुआ। जिसमें कांग्रेस के हिफजुर रहमान सांसद बने थे। 1957 में हुए दूसरे चुनाव में भी कांग्रेस के हिफजुर रहमान विजेता बने। इसके बाद 1967-71 में दो बार कम्युनिस्ट पार्टी के इसहाक संभली ने जीत दर्ज की।
अमरोहा में 40 साल से जीत की आस में कांग्रेस
1952 और 1957 का चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस को अंतिम बार यहां 1984 में जीत मिली थी। रामपाल सिंह सांसद चुने गए थे। इसके बाद से यहां कांग्रेस को जीत नही मिली। 40 साल का अरसा गुजर गया लेकिन कांग्रेस वापसी नही कर पाई। यही स्थिति सपा की भी है, 1996 में एकदफ़ा ही समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार प्रताप सिंह सैनी को यहां से जीत मिली है। हालांकि बसपा दो बार यहां से मुस्लिम जाटव समीकरण के सहारे जीत हासिल कर चुकी है।
वर्ष 1991 से लेकर अब तक ये बने सांसद
Year | MP | Party |
---|---|---|
1991 | चेतन चौहान | भाजपा |
1996 | प्रताप सिंह सैनी | सपा |
1998 | चेतन चौहान | भाजपा |
1999 | राशिद अल्वी | बसपा |
2004 | हरीश नागपाल | निर्दलीय |
2009 | देवेंद्र नागपाल | रालोद |
2014 | चौधरी कंवर सिंह तंवर | भाजपा |
2019 | कुंवर दानिश अली | बसपा |
अमरोहा लोकसभा में कुल 5 विधानसभा
अमरोहा लोकसभा में कुल 5 विधानसभा सीटें है। इनमें दो सीटें अमरोहा और नौगांवा समाजवादी पार्टी के पास है जबकि हसनपुर, धनौरा और गढ़मुक्तेश्वर सीटों पर भाजपा का कब्जा है। अमरोहा सीट पर सपा के महबूब अली विधायक है। नौगावां सादात विधानसभा सीट पर सपा के समरपाल सिंह विधायक है। वहीं हसनपुर विधानसभा पर भाजपा के महेंद्र सिंह, धनौरा सुरक्षित सीट पर भाजपा के राजीव तरारा और हापुड की गढ़मुक्तेश्वर सीट पर भी भाजपा के हरेंद्र सिंह तेवतिया विधायक है।
मुस्लिमों के सहारे जीत की आस में तीनों दल
अमरोहा लोकसभा चुनाव 2024 में तीनों दल इस बार मुस्लिमों के सहारे जीत की जुगत में है। बीती 19 अप्रैल को अमरोहा में हुई पीएम की जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर वर्ग को साथ लेकर चलने के साथ ही क्रिकेटर मो शमी की जमकर तारीफ की थी। प्रधानमंत्री ने योजनाओं के जरिए भी मुस्लिमों को साधने की कोशश की थी। उन्होंने कहा था केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ हमारे द्वारा बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग को दिया जा रहा है।
वहीं जोया क्षेत्र में मुस्लिमों के बीच जाकर BJP प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर भी वोटों की अपील कर चुके है। कांग्रेस प्रत्याशी दानिश अली कांग्रेस को मुस्लिमों का सबसे बड़ा हमदर्द बताते हुए वोट मांग रहे तो वहीं बसपा प्रत्याशी भी लोगों के बीच जाकर बसपा शासन काल में मायावती द्वारा किए गए विकास कार्यों को गिना रहे है। सीधा मुकाबला भाजपा से होने का वह दावा करते है।
लोकसभा क्षेत्र में विधानसभावार मतदाता
विधानसभा क्षेत्र | मतदाता |
---|---|
अमरोहा | 311651 |
नौगांवा सादात | 330935 |
मंडी धनौरा | 347793 |
हसनपुर | 370432 |
गढ़मुक्तेश्वर | 352343 |
कुल मतदाता | 1713154 |
पुरुष मतदाता | 906789 |
महिला मतदाता | 806318 |
ट्रांस्जेंडर | 57 |
Amroha Lok Sabha Seats: Caste Equation
Election 2024: Amroha is set to go to the polls on April 26