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दो सिम इस्तेमाल करने पर चार्ज के दावे को TRAI ने बताया फर्जी, कहा- यह जनता को गुमराह करने का उद्देश्य

टेलीकॉम सेक्टर के रेग्यूलेटर ट्राई (Trai) ने मोबाइल और लैंडलाइन लंबर लेने के लिए फीस वसूले जाने की खबरों का खंडन किया है. ट्राई ने अपने बयान में कहा, इस प्रकार के कयास लगाये जा रहे कि ट्राई एक से ज्यादा सिम रखने वाले कस्टमर्स और नंबरिंग रिसोर्सेज पर किसी प्रकार का चार्ज लगाने पर विचार कर रहा है जो पूरी तरह बेबुनियाद है. ट्राई ने कहा ऐसा झूठे क्लेम का मकसद केवल जनता को गुमराह करना है.

कंसलटेशन पेपर के संदर्भ में ट्राई ने कहा, हमारे ध्यान में आया है कि कुछ मीडिया संस्थानों ने रिपोर्ट किया है कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्रस्ताव दिया है कि मोबाइल और लैंडलाइन नंबर के अलॉट करने पर फीस वसूला जाएगा जिससे इन संसाधनों का सही इस्तेमाल किया जा सके. ट्राई के मुताबिक, ऐसा कयास लगाया जाने लगा कि मल्टीपल यानि एक से ज्यादा मोबाइल सिम रखने वाले कस्टमर्स या नंबरिंग रिसोर्सेज के आवंटन पर कस्टमर्स से ट्राई चार्ज वसूलने की तैयारी में है.

ट्राई ने अपनी सफाई में कहा, ऐसे दावे निराधार हैं और केवल जनता को गुमराह करने का काम करते हैं. ट्राई के मुताबिक, वो लगातार कम से कम रेग्यूलेटरी हस्तक्षेप का पक्षधर रहा है और वो मार्केट फोर्सेज के फोरबीयरेंस और सेल्फ-रेग्यूलेशन को बढ़ावा देता आया है. ट्राई ने कहा, कंसलटेशन पेपर को लेकर ऐसी भ्रामक बातें के प्रसार किए जाने के फर्जी अनुमानों को हम सिरे से खारिज करते हैं और उसकी कठोर रूप से निंदा करते हैं.

6 जून 2024 को ट्राई (Telecom Regulatory Authority of India)(Trai) ने नेशनल नंबरिंग प्लान के रिविजन (Revision of National Numbering Plan) के लिए कंसलटेशन पेपर जारी किया था. इस कंसलटेशन पेपर को लेकर ट्राई ने स्टेकहोल्डर्स से 4 जुलाई 2024 तक लिखित सुझाव मांगे हैं साथ ही 18 जुलाई तक काउंटर कमेंट्स देने को कहा है.

ट्राई ने अपने बयान में कहा, दूरसंचार विभाग टेलीकम्यूनिकेशन आईडेंटिफायर्स (TI) रिसोर्सेज का एक मात्रा कस्टोडियन है. और उसने 29 सितंबर 2022 को देश में रिवाइज्ड नेशनल नंबरिंग प्लान को लेकर सुझाव मांगे थे जिससे देश में नंबरिंग रिसोर्सेज का बेहतर इस्तेमाल किया जा सके. इस नेशनल नंबरिंग प्लान की समीक्षा के लिए ट्राई के कंसलटेशन पेपर को जारी किया गया जिससे टेलीकॉम आईडेंटिफायर्स रिसोर्सेज के अलोकेशन को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स और इस्तेमाल का अध्ययन किया जा सके.  ट्राई ने कहा, उसका ये कंसलटेशन पारदर्शिता पर आधारित है.

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